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नोए़डा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, खुद शेयर कीं ये भव्य तस्वीरें

Published : Mar 27, 2026 12:09 pm IST,  Updated : Mar 27, 2026 12:09 pm IST
दिल्ली के पास जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 मार्च को प्रधानमंत्री उद्घाटन करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन से पहले एयरपोर्ट के अंदर की तस्वीरें खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की है। इसमें एयरपोर्ट की भव्यता का पता चलता है। पीएम ने कहा कि एयरपोर्ट NCR कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा देगा। यह एयरपोर्ट ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया भर के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने में सक्षम बनाएगा।
1/5 Image Source : Narendra Modi Facebook Post
दिल्ली के पास जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 मार्च को प्रधानमंत्री उद्घाटन करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन से पहले एयरपोर्ट के अंदर की तस्वीरें खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की है। इसमें एयरपोर्ट की भव्यता का पता चलता है। पीएम ने कहा कि एयरपोर्ट NCR कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा देगा। यह एयरपोर्ट ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया भर के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने में सक्षम बनाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली NCR क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक होगा। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़भाड़ कम होगी, यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली NCR दुनिया के अग्रणी विमानन केंद्रों में अपनी जगह बना पाएगा।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली NCR क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक होगा। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़भाड़ कम होगी, यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली NCR दुनिया के अग्रणी विमानन केंद्रों में अपनी जगह बना पाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग ₹11,200 करोड़ के कुल निवेश से विकसित किया गया है। शुरुआत में इस हवाई अड्डे की यात्री संभालने की क्षमता प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्री (MPPA) होगी, जिसे पूर्ण विकास के बाद बढ़ाकर 70 MPPA तक किया जा सकेगा। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग ₹11,200 करोड़ के कुल निवेश से विकसित किया गया है। शुरुआत में इस हवाई अड्डे की यात्री संभालने की क्षमता प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्री (MPPA) होगी, जिसे पूर्ण विकास के बाद बढ़ाकर 70 MPPA तक किया जा सकेगा। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है।
एयरपोर्ट में एक मजबूत कार्गो इकोसिस्टम भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब, एक एकीकृत कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स ज़ोन शामिल हैं। कार्गो सुविधा को सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसे बढ़ाकर लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है; इसमें 40 एकड़ में फैली एक समर्पित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी शामिल है।
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एयरपोर्ट में एक मजबूत कार्गो इकोसिस्टम भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब, एक एकीकृत कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स ज़ोन शामिल हैं। कार्गो सुविधा को सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसे बढ़ाकर लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है; इसमें 40 एकड़ में फैली एक समर्पित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी शामिल है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 'नेट-ज़ीरो उत्सर्जन' वाली सुविधा के रूप में संचालित होने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिए इसमें ऊर्जा-कुशल प्रणालियों और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार प्रथाओं को एकीकृत किया गया है। इसका वास्तुशिल्प डिज़ाइन भारतीय विरासत से प्रेरणा लेता है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की याद दिलाने वाले तत्वों को शामिल किया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में प्लान किया गया है, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांज़िट सिस्टम के बीच सहज एकीकरण सुनिश्चित किया गया है, ताकि यात्रियों और कार्गो के लिए कुशल कनेक्टिविटी बनी रहे।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 'नेट-ज़ीरो उत्सर्जन' वाली सुविधा के रूप में संचालित होने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिए इसमें ऊर्जा-कुशल प्रणालियों और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार प्रथाओं को एकीकृत किया गया है। इसका वास्तुशिल्प डिज़ाइन भारतीय विरासत से प्रेरणा लेता है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की याद दिलाने वाले तत्वों को शामिल किया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में प्लान किया गया है, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांज़िट सिस्टम के बीच सहज एकीकरण सुनिश्चित किया गया है, ताकि यात्रियों और कार्गो के लिए कुशल कनेक्टिविटी बनी रहे।
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